चाल तेरी खोले राज कि आया तू मैखाने से
खुशबू ने बताया कपड़ों की, छलका जाम पैमाने से।
सुर ने पी, भ तों ने सोमरस कह सिर से लगा लिया
हमने थाे़डी जो ली, दारू बाज कह हंगामा बरपा दिया।
अरे जालिमों! शराब तो खुदाई लाईडिटे टर है
हलक से नीचे गई नहीं कि सबकुछ उगला लिया।
सोमवार, 8 सितंबर 2008
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