सोमवार, 8 सितंबर 2008

सुरापान

चाल तेरी खोले राज कि आया तू मैखाने से
खुशबू ने बताया कपड़ों की, छलका जाम पैमाने से।
सुर ने पी, तों ने सोमरस कह सिर से लगा लिया
हमने थाे़डी जो ली, दारू बाज कह हंगामा बरपा दिया।
अरे जालिमों! शराब तो खुदाई लाईडिटे टर है
हलक से नीचे गई नहीं कि सबकुछ उगला लिया।